मधुशाला जो की हरिवंश राय बच्चन द्वारा लिखा गया है,हिंदी साहित्य में एक विशेष स्थान रखता है | साकी हाला और मधुशाला शब्दों के माध्यम से रचयिता ने जीवन के गूढ़ विषयो की बहुत ही सुन्दर और दार्शनिक विवेचना की है |इन रुबाइयों की सहजता ही इनकी लोकप्रियता का कारण हैं |
Madhusala to jivan ka rang hai jo rangana chahe ranga jo na range wo phika hi rahta hai
ReplyDeletesahi hai
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